मुझे पता तूने सच , बिछड़ मेरी याद में ,
नहीं रखी आँख नम , रहा सदा पर घुटा ।।
तेरा मेरे दिल से जो , चिपक गया नाम तो ,
नहीं कभी मुझसे भी , रगड़ छुटाए छुटा ।।
यहाँ उजाला बहुत , मुझे छुपा कर वहाँ ,
उठा के ले चल जहाँ , कहीं दिखे झुटपुटा ।।
कहे अगर आज तू , ” मुझे तनिक प्यार दो ” ,
तो मैं हदें तोड़ सब , क़सम से दूँगी लुटा ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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