∆ ग़ज़ल : 300 – आब ए अंगूर

तुम फलोदी को क्या चिकमगलूर कर दोगे ? सादा पानी आब ए अंगूर कर दोगे ? मैं बता दूॅंगा उदासी का सबब लेकिन , क्या उदासी फिर मेरी तुम दूर कर दोगे ? रात दिन चाहूॅंगा तुमको जीते जी मर-मर...Read more