मुक्तक : 1031 – “कूदो छत से”

पहले बोलो ” कूदो छत से ” , गर कूद पड़ूॅं तो मत झेलो ।। मुझको ख़ुद ला लाकर सब दो , फिर छीन-झपट वापस लेलो ।। जब तक है मेरे दम में दम ; तुम मेरे साथ रहो हरदम...Read more