मुक्तक : 1044 – बदला

बद्दुआ निकले है मेरे दिल से ये ही आजकल ; इश्क़ में लग जाए ऐसी आग वो बस जाए जल ।। कोयला उसने मुझे हीरे से करके रख दिया , मैं भी चाहूॅं वो भी ज़र से जाए मिट्टी में...Read more