मुक्तक : 1064 – सच

लोग बोलें मैं अब नहीं हॅंसता ।।
मैं ये कहता हूॅं कब नहीं हॅंसता ?
सच यही है कि जब रहूॅं मैं ख़ुश ,
सिर्फ़ और सिर्फ़ तब नहीं हॅंसता ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति