मुक्तक : 1072 – सेहत

जीवन को अपने खुशाल रखना होगा ।।
सेहत का भरसक ख़याल करना होगा ।।
ग़म तो रोज़ गले आ – आकर लगते हैं ,
पर सख़्ती से हर मलाल तजना होगा ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति