माॅं

मेरा जज़्बा मेरी माॅं के लिए सबसे जुदा है ।।
है मेरे वास्ते क्या वो ; मेरे दिल पे खुदा है ।।
किसी को या सभी को माॅं फ़रिश्ते सी लगे लेकिन ,
मेरी नज़रों में मेरी माॅं मेरा असली ख़ुदा है ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति