{} गीत : 54 – शिकस्ता दिल

यक़ीनन है शिकस्ता दिल जवाँ होकर भी वो वर्ना ।। न कहता नौजवानों से मोहब्बत-इश्क़ से बचना ।। ख़ुुदा ने जब तुम्हें बख़्शी है सूरत चाँद से प्यारी ; तुम्हारा जिस्म जैसे राजधानी की है फुलवारी ; तुम्हें सिंगार से...Read more

गीत : साल नया सबको मुबारक़

हो साल नया सब को मुबारक़ न कहूँगा !! इस बार में नववर्ष का स्वागत न करूँगा ।। रंजीदा हूँ , ग़मगीन हूँ , मातम से भरा हूँ , बाहर से लगूँ ज़िंदा पर अंदर से मरा हूँ , महफ़िल...Read more

गीत : 53 – साल नया सबको मुबारक़

हो साल नया सब को मुबारक़ न कहूँगा !! इस बार में नववर्ष का स्वागत न करूँगा ।। रंजीदा हूँ , ग़मगीन हूँ , मातम से भरा हूँ , बाहर से लगूँ ज़िंदा पर अंदर से मरा हूँ , महफ़िल...Read more

गीत : 52 – नववर्ष

किस मुंँह से फिर मनाएँ , नववर्ष का वे उत्सव ।। जिनको मिली न जीतें , जिनका हुआ पराभव ।। व्यसनी तो करते सेवन ; हो ना हो कोई अवसर , कुछ लोग पान करते ; मदिरा का हर्ष में...Read more

★ गीत : मादक

मादक , मसृण , मृदुल , महमहा ।। तव यौवन झूमें है लहलहा ।। जैसी कल थी तू आकर्षक । उससे और अधिक अब हर्षक । तू सुंदर , अप्सरा , परी तू । उर्वशी , रंभा से भी खरी...Read more

गीत : 51 – अर्द्ध शतक

हाय मंसूबा नहीं इक अब तलक पूरा हुआ ।।1।। जबकि अपनी उम्र का आधा शतक पूरा हुआ ।।2।। क्या नहीं हमने किया मंज़िल को पाने वास्ते । रौंद डाले काँटों , अंगारों भरे सब रास्ते । कुछ ने कम मेहनत...Read more