देवी गीत (1) तीनों ताप से जलती दुनिया

॥ तुम निर्मल मल ग्रसित जगत मन ,पावन कर दो मैया ॥ ॥ हर  लो  सब  मन  की  विकृतियाँ , जीवन भर को मैया ॥’ तीनों तापों से जलती दुनिया मैया आग बुझाओ ॥ औंधे मुँह सब लोग पड़े हैं आके आप उठाओ...Read more

गीत : 4 – दिल की दिल में

दिल की दिल में न रख ज़ुबाँ पर लाइए ॥ प्यार करते हों तो प्यार जतलाइए ॥ दिल की दिल………………………….. चोरी चोरी उन्हें कब तलक देखिए , हाले दिल की ख़बर ख़त में लिख भेजिए , यूँ न शर्माइए , यूँ न घबराइए ॥...Read more

* गीत : 3 – इश्क़ करता हूँ

इश्क़ करता हूँ मैं , प्यार करता हूँ मैं ॥ उनसे कैसे कहूँ उनपे मरता हूँ मैं ? खिलते चेहरे से कुछ भी पता न चले , दर्दे दिल कोई कैसे मेरा जानले ? अपने यारों से भी कुछ न कहता हूँ मैं ॥ उनसे...Read more

प्रतीक्षा गीत : 2 – कभी डाकिया जो मेरी

कभी डाकिया जो मेरी  बनकर हवा चले ॥ तभी हाले दिल मेरा भी उनको पता चले ॥ कभी डाकिया………………………………. उनकी निगाह में यों देखा है सब मगर , मेरा ही ख़्वाब अब तक आया नहीं नज़र , कब आएगा वो जाने मेरी नज़र तले ॥ कभी डाकिया………………………………. तभी...Read more

प्रतीक्षा गीत : 1 – तुम मुझे मत डराओ

तुम मुझे मत डराओ , ये मुमकिन नहीं ; कि डरकर मैं ये रहगुज़र छोड़ दूँ ॥ जब ये पग जानकर ही उठे इस तरफ़ , कैसे मंज़िल को पाये बिगर मोड़ दूँ ? इश्क़ की सब बलाओं से वाक़िफ़...Read more

* गीत : जब पास नहीं हैं कंत

जब पास नहीं हैं कंत , अरे कैसा बसंत ? हिरदै में विरह जीवंत , अरे कैसा बसंत ?  देके पहली रात ही सदमा , निकले ऐसे घर से बलमा , वो हो गए साधु-सुसंत , अरे कैसा बसंत ? ख़ुद...Read more