गीत : 50 – हाथ काँधों पर नहीं

हाथ काँँधों पर नहीं गर्दन से सर ग़ायब , पैर भी टूटे हुए हैं फिर भी ज़िंदा हूँँ !! पीठ पर मेरे न इक पर लेकिन आँँखों में , ख़्वाब उड़ानों के लिए जीता परिंदा हूँँ !! हाथ में लेकर...Read more

■ गीत : 48 – माँगता हूँ

माँगता हूँ जो वही साथी मुझे देना ।। और जितना चाहूँ उतना ही मुझे देना ।। तितलियाँ माँगूँ तो देना तितलियाँ लाकर । चीटियाँ माँगूँ तो देना चीटियाँ लाकर । सौंपना चूहा ही यदि चूहा मँगाऊँ मैं , मत कभी...Read more

◆ गीत : 47 – तुम क्या जानो दुख पायल का ?

तुम क्या जानो दुख पायल का , तुमको तो छन-छन से मतलब ? चूड़ी कितनी चिटके-टूटे , तुमको बस खन-खन से मतलब ? तुमको बस अच्छे लगते वो मेंढक जो टर्राते हैं सच । गाने वालों  से ज़्यादा प्रिय तुमको जो...Read more

* गीत : 46 – प्रेम धुन में प्रीत लय में

प्रेम धुन में प्रीत लय में गुनगुनाएगी ॥ लेखनी मेरी उसी के गीत गाएगी ॥ दृष्टि में मेरी सदा रहता है मुख उसका । और मुझको ताकते रहना है सुख उसका । मैं भरी बरसात में भी यदि पुकारूँ तो ,...Read more

◆ गीत : 45 – सद्प्रीत

तुझको मैं आजन्म अपना मीत लिक्खूँँगा ॥ तुझको मुझमें रुचि नहीं है जानता हूँ मैं । योग्य भी तेरे न मैं ये मानता हूँ मैं । तू करे दिन रात मुझसे धुर घृणा तो भी ,             मैं तुझे पल-पल मेरी सद्प्रीत...Read more

* गीत : 44 – जी भर गया है ॥

कि चाहो तो क्या तुम न चाहो तो क्या है ? मोहब्बत से अब अपना जी भर गया है ।। न धोखाधड़ी की न जुल्म-ओ-जफ़ा की । जो करता हो बातें हमेशा वफ़ा की । मगर तज़्रिबा अपना ज़ाती ये कहता , वही...Read more