∆ सॉनेट : 02 – याद

जिसने करके रख दिया , हँस-हँस मुझे बरबाद ; रख दिया जिसने बनाकर , हाय गुड़ से नीम ; गर्म लावे के लिए , पत्थर से आइसक्रीम ; आज भी फिर आए क्यों , दिन-रात उसकी याद ? सब भरोसे...Read more

∆ सॉनेट : 01 – सबक़

सचमुच न जानते थे , बारे में इश्क़ के जब ; थी उम्र कोई अपनी , मुश्किल से दस या बारह ; थी उस हसीं की लेकिन , पूरे बरस अठारह ; करने लगे थे उससे , हम प्यार वाले...Read more